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नई एमएसएमई दर पर इंदौर सीए शाखा द्वारा मंथन
1 जुलाई से सरकार द्वारा एमएसएमई प्रावधानों में लाए गए बदलाव पर इंदौर शाखा द्वारा गहन विश्लेषण किया गया. ऑनलाइन कार्यशाला में आगरा से सीए नितेश गुप्ता द्वारा विभिन्न तथ्यों पर अपने विचार साझा किए.
सरकार द्वारा MSME परिभाषा 2020: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को MSME अधिनियम -2016 के अनुसार वर्गीकृत किया गया है. एमएसएमई कारोबारियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कई तरह से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र का देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। लघु उद्योग क्षेत्र के योगदान को देखते हुए सरकारी बैंक सीजीएमएससी के तहत बिना किसी सिक्योरिटी के साथ कम ब्याज दर पर लोन प्रदान कर रही हैं।
एमएसएमई में आए बदलाव को देखते हुए अब छोटे व्यापारी बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर पाएंगे और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत की सोच को सार्थक बनाने का प्रयास करेंगे. ऐसे व्यापारी जिनका पूर्व में कोई ऋण बकाया हो वह भी इसका लाभ उठा सकेंगे और अपने बैंक में जाकर नई स्कीम के तहत लोन प्राप्त कर सकेंगे.
सीए जयेश शाह द्वारा संचालित कार्यशाला के दूसरे सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के बिजनेस डेवलपमेंट विंग के वाइस प्रेसिडेंट आशीष गोयल जी ने फाइनेंस के पारंपरिक तरीकों से हटकर नए क्षेत्रों में किस तरह पूंजी निवेश प्राप्त किया जा सकता है.
एक व्यापारी कैसे बिल डिस्काउंटिंग, एसएमई फंडरेजिंग और एनएससी द्वारा एसएमई लिस्टिंग नाम द्वारा भी कोई भी प्राप्त कर अपना व्यवसाय बढ़ा सकता है. इंदौर ब्रांच के चेयरमैन हर्ष फिरोदा एवं सचिव गौरव माहेश्वरी द्वारा कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया.


